घास (सॉड) कैलकुलेटर
इस टूल से लॉन के लिए ज़रूरी घास की मात्रा निकलती है - आकार के हिसाब से क्षेत्रफल, बरबादी का फ़ैक्टर, रोल और पैलेट की गिनती, और नीचे बिछाने वाली मिट्टी का आयतन तथा लागत।
कैलिब्रेशन की चेतावनी। पूरा हिसाब अमेरिकी टर्फ़ बाज़ार का है, जहाँ 1 रोल = 10 वर्ग फुट और 1 पैलेट = 45 रोल = 450 वर्ग फुट होता है, और घास के नाम केंटकी ब्लूग्रास, फ़ेस्क्यू या सेंट ऑगस्टीन हैं। भारत में यह पैकिंग नर्सरी में लगभग नहीं मिलती और मैदान की गर्मी में ठंडी जलवायु वाली घास टिकती ही नहीं। यहाँ काम वर्ग मीटर में नापा जाता है और CPWD DSR में मद ही अलग है - "दूब घास से घासबंदी" प्रति वर्ग मीटर और अच्छी मिट्टी प्रति घन मीटर।
भारत में चलने वाली घास
| घास | कहाँ चलती है | धूप | पानी | लगाने का तरीक़ा |
|---|---|---|---|---|
| सलेक्शन-1 | मैदान, सबसे आम | पूरी धूप | ज़्यादा | चादर या जड़ रोपण |
| दूब (बरमूडा) | लगभग पूरे देश में | पूरी धूप | मध्यम | जड़ रोपण |
| कोरियन घास | मैदान, सजावटी लॉन | पूरी धूप | मध्यम | 300 मिमी के टुकड़े |
| मेक्सिकन घास | मैदान | पूरी धूप | कम | टुकड़े में |
| बफ़ेलो (सेंट ऑगस्टीन) | छायादार जगह | आधी छाया | मध्यम | चादर |
| ब्लूग्रास, फ़ेस्क्यू, राई | केवल शिमला, ऊटी, श्रीनगर जैसे पहाड़ी शहर | पूरी धूप | बहुत ज़्यादा | बीज या चादर |
आख़िरी पंक्ति टूल की सूची का बड़ा हिस्सा है और भारतीय मैदान में बेकार है। दिल्ली या नागपुर में फ़ेस्क्यू का लॉन मई तक जल जाता है, चाहे पानी कितना ही दिया जाए।
गणना का क्रम
1. क्षेत्रफल आयत = लंबाई x चौड़ाई
वृत्त = 3.1416 x (व्यास / 2) x (व्यास / 2)
त्रिकोण = 0.5 x आधार x ऊँचाई
समलंब = 0.5 x (आधार1 + आधार2) x ऊँचाई
2. ऑर्डर = क्षेत्रफल x (1 + बरबादी प्रतिशत / 100)
3. रोल = ऑर्डर (वर्ग फुट) / 10
4. पैलेट = रोल / 45
5. मिट्टी = क्षेत्रफल x गहराई
उदाहरण। 9.1 x 6.1 मीटर (30 x 20 फुट) का लॉन यानी 55.7 वर्ग मीटर (600 वर्ग फुट)। 10 प्रतिशत बरबादी जोड़कर 61.3 वर्ग मीटर (660 वर्ग फुट), यानी 66 रोल - पर पैलेट में लेना पड़े तो 2 पैलेट आएँगे और लगभग 22 वर्ग मीटर घास बच जाएगी। नीचे 75 मिमी (3 इंच) अच्छी मिट्टी डालनी हो तो 4.2 घन मीटर चाहिए।
बरबादी का फ़ैक्टर सीधा है: सीधा आयत हो तो 5 प्रतिशत, पेड़ और रास्ते बीच में हों तो 10, और घुमावदार किनारे या ढाल हो तो 15 से 20 प्रतिशत।
भारतीय काम में तीन फ़र्क़
- रोल और पैलेट की जगह टुकड़े और जड़। यहाँ की नर्सरी घास को 300x300 मिमी के टुकड़ों में, या सलेक्शन-1 के लिए जड़ के गट्ठर के रूप में देती है, और ढुलाई ठेले या ट्रैक्टर-ट्रॉली से होती है। बड़े रोल सिर्फ़ स्टेडियम, होटल और गोल्फ़ कोर्स के लिए कुछ व्यावसायिक टर्फ़ फ़ार्म से आते हैं। इसलिए टूल का रोल वाला आंकड़ा भूलकर वर्ग मीटर पर मोलभाव कीजिए - 1 वर्ग मीटर बराबर 10.76 वर्ग फुट।
- मौसम मानसून से बँधा है। अमेरिकी सलाह वसंत या पतझड़ की है। भारत में लॉन लगाने का सबसे अच्छा समय मानसून की शुरुआत यानी जून-जुलाई है, दूसरा मौक़ा फ़रवरी-मार्च। मई की लू में और दिसंबर की पाले वाली रातों में लगाई घास पकड़ती नहीं।
- मिट्टी और पानी का हिसाब दूसरा है। स्क्रीन्ड लोम की जगह यहाँ गोबर की खाद, गाद और रेत का मिश्रण 100 से 150 मिमी मोटा बिछाया जाता है। और असली ख़र्च पानी का है: सूखे इलाक़ों में लॉन की सिंचाई नगर निगम के पानी पर भारी पड़ती है, इसलिए बड़ी सोसाइटी में STP का शोधित पानी और IGBC या GRIHA की सलाह पर देसी, कम पानी वाली घास चुनना बेहतर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
घुमावदार या गोल लॉन का हिसाब कैसे लगाएँ?
लॉन को आयत, वृत्त, त्रिकोण और समलंब में तोड़कर हर हिस्सा अलग जोड़िए। 6.1 मीटर (20 फुट) व्यास के गोल हिस्से का क्षेत्रफल लगभग 29.2 वर्ग मीटर बैठेगा, और घुमावदार किनारे की कटाई के लिए 10 से 15 प्रतिशत ऊपर रखिए।
घास आने के बाद कितनी देर रखी जा सकती है?
यह ज़िंदा माल है। अमेरिकी सलाह 24 घंटे की है, पर भारतीय गर्मी में उससे भी कम - सुबह उतरी चादर उसी दिन बिछ जानी चाहिए। ढेर लगी घास धूप में गरम होकर बीच से पीली पड़ जाती है और वापसी का कोई रास्ता नहीं होता।
बिछाने से पहले ज़मीन कैसे तैयार करें?
पुरानी घास और जड़ें हटाकर ढाल इमारत से दूर 1 से 2 प्रतिशत रखिए, ऊपरी 100 से 150 मिमी मिट्टी की गुड़ाई कीजिए, खाद मिली अच्छी मिट्टी की परत डालिए और हल्का रोलर चलाकर सतह जमाइए। इसके बाद टुकड़े या चादर बिना ख़ाली जगह छोड़े, आपस में सटाकर बिछाइए।