वॉटर सॉफ़्टनर साइज़ कैलकुलेटर
यह टूल आयन-एक्सचेंज सॉफ़्टनर का आकार निकालता है - लोहा और मैंगनीज़ जोड़कर सुधरी हार्डनेस, ज़रूरी ग्रेन क्षमता, रेज़िन का आयतन और साल भर का नमक।
कैलिब्रेशन की चेतावनी। आधार WQA तथा NSF/ANSI 44 का अमेरिकी ढाँचा है - हार्डनेस GPG में, खपत 75 गैलन प्रति व्यक्ति प्रति दिन, रेज़िन क्यूबिक फुट में। भारत में हार्डनेस mg/L में नापी जाती है, पीने के पानी की सीमाएँ IS 10500:2012 से आती हैं, घरेलू खपत का डिज़ाइन मान CPHEEO तथा NBC 2016 भाग 9 का 135 लीटर प्रति व्यक्ति है, और रेज़िन लीटर में तथा नमक किलो में बिकती है। रसायन वही है, हर इकाई बदलिए।
हार्डनेस के दर्जे और IS 10500
| कुल हार्डनेस (mg/L) | GPG | दर्जा | IS 10500:2012 की नज़र में |
|---|---|---|---|
| 0 से 60 | 0 से 3.5 | मुलायम | ठीक |
| 60 से 120 | 3.5 से 7 | मध्यम कठोर | ठीक |
| 120 से 200 | 7 से 11.7 | कठोर | स्वीकार्य सीमा के भीतर |
| 200 से 600 | 11.7 से 35 | बहुत कठोर | केवल अनुमेय सीमा |
| 600 से ऊपर | 35 से ऊपर | अत्यंत कठोर | सीमा से बाहर, उपचार ज़रूरी |
1 GPG बराबर 17.118 mg/L होता है, इसलिए लैब की रिपोर्ट को 17.1 से भाग देकर टूल में डालिए। राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और तेलंगाना के बोरवेल में 400 से 800 mg/L आम है, दिल्ली में 300 से 600, जबकि पहाड़ी सतही पानी 100 से नीचे। लोहे की सीमा 0.3 mg/L है और उसमें कोई छूट नहीं।
गणना का क्रम
रोज़ की खपत (लीटर) = लोग x 135 (CPHEEO का घरेलू मान)
सुधरी हार्डनेस = कच्ची + (लोहा x 68) + (मैंगनीज़ x 34)
रोज़ का बोझ (ग्राम) = खपत x सुधरी हार्डनेस / 1000
रेज़िन (लीटर) = रोज़ का बोझ x दिन x 1.2 / 60
नमक प्रति रीजन = रेज़िन (लीटर) x 150 ग्राम
60 का भाग इसलिए है कि 1 लीटर रेज़िन लगभग 55 से 70 ग्राम हार्डनेस (CaCO3 के रूप में) हटा पाती है, और 1.2 का गुणा 20 प्रतिशत रिज़र्व के लिए है।
उदाहरण। चार लोगों का घर, बोरवेल की हार्डनेस 450 mg/L (26 GPG) और लोहा 0.5 mg/L। सुधरी हार्डनेस 484 mg/L, रोज़ की खपत 540 लीटर (143 गैलन), रोज़ का बोझ 261 ग्राम। सात दिन तथा रिज़र्व जोड़कर 2,193 ग्राम, यानी लगभग 37 लीटर रेज़िन - बाज़ार में 40 लीटर का FRP वेसल, जो 1.5 क्यूबिक फुट के 48,000 ग्रेन सिस्टम के बराबर है। नमक हर रीजन में लगभग 6 किलो और साल में 310 किलो। टूल के 75 गैलन वाले डिफ़ॉल्ट पर वही घर दो गुना बड़ा सिस्टम माँगेगा।
भारतीय काम में तीन फ़र्क़
- इकाई और खपत का डिफ़ॉल्ट बदलिए। लैब से रिपोर्ट mg/L में आती है, ठेकेदार रेज़िन लीटर में बोलता है, नमक 25 या 50 किलो की बोरी में आता है, और क्षमता OBR यानी दो रीजन के बीच निकलने वाला पानी लीटर में बताई जाती है। सीवर वाली कॉलोनी में 135 लीटर प्रति व्यक्ति ठीक है, बिना सीवर 70।
- दबाव सबसे बड़ी अड़चन है। रेज़िन बेड से पानी धकेलने के लिए 1.7 से 2.0 बार दबाव चाहिए, जबकि छत की टंकी से गुरुत्व पर हर मीटर ऊँचाई का सिर्फ़ 0.1 बार मिलता है - तीन मंज़िल नीचे नल पर भी 0.3 बार। इसीलिए यहाँ सॉफ़्टनर सम्प के पंप के डिस्चार्ज पर, टंकी से पहले लगता है, या टंकी के बाद बूस्टर पंप के साथ।
- सॉफ़्टनर पानी शुद्ध नहीं करता। यह कैल्शियम-मैग्नीशियम की जगह सोडियम देता है; बैक्टीरिया, नाइट्रेट, फ़्लोराइड, आर्सेनिक और TDS उसी तरह निकलते हैं। पीने के लिए रसोई में अलग RO या UV लगाइए; सॉफ़्टनर गीज़र, टाइल और CP फ़िटिंग बचाने का उपकरण है। दो बातें और: लाल पानी वाला लोहा पहले IRP से हटाइए वरना रेज़िन जाम हो जाएगी, और रीजन का खारा पानी सोख-गड्ढे में डालने से मिट्टी नमकीन हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चार लोगों के घर में कितनी रेज़िन चाहिए?
250 mg/L (15 GPG) वाले नगरपालिका के पानी पर लगभग 20 लीटर रेज़िन, यानी 32,000 ग्रेन का सिस्टम। पर 500 mg/L वाले बोरवेल पर वही घर 40 लीटर माँगेगा, इसलिए पहला ख़र्च लैब टेस्ट पर कीजिए - हार्डनेस, लोहा, TDS और क्लोराइड चारों की रिपोर्ट लीजिए।
सॉफ़्टनर और RO में क्या फ़र्क़ है?
सॉफ़्टनर पूरे घर की लाइन पर लगकर सिर्फ़ हार्डनेस पर काम करता है, RO रसोई के एक नल पर लगकर TDS घटाता है। दोनों एक-दूसरे का विकल्प नहीं हैं; बहुत कठोर पानी पर RO की झिल्ली जल्दी जाम होती है, इसलिए सॉफ़्टनर पहले लगाना RO की उम्र भी बढ़ा देता है।
नमक कौन सा लें?
टैबलेट या वैक्यूम नमक, जिसकी शुद्धता 99.5 प्रतिशत से ऊपर हो। सस्ता खारी नमक रेज़िन में गाद जमा कर देता है और दो-तीन साल में पूरा बेड बदलवा देता है।