ट्रेंच (खाई) कैलकुलेटर
यह टूल खाई की खुदाई का पूरा हिसाब देता है - खुदाई का आयतन, नीचे बिछने वाली बेडिंग की मात्रा, पाइप डालने के बाद वापस भरने वाली मिट्टी, ढीले माल का बढ़ा हुआ आयतन, ढुलाई के फेरे, और मज़दूरी तथा सामग्री की लागत।
कैलिब्रेशन की चेतावनी। आयतन क्यूबिक यार्ड में, भाव प्रति रनिंग फुट डॉलर में, गहराई का आधार फ़्रॉस्ट लाइन, सुरक्षा की शर्त OSHA 29 CFR 1926 सबपार्ट P और ढुलाई 14 क्यूबिक यार्ड के डंप ट्रक से - यह सब अमेरिकी ढाँचा है। भारत में मापन IS 1200 भाग 1 से होता है, दर CPWD DSR या राज्य SOR में प्रति घन मीटर मिलती है, सुरक्षा NBC 2016 भाग 7 और BOCW नियम से आती है, और पाला यहाँ कोई मुद्दा ही नहीं है।
खुदाई के वर्ग और मोटा भाव
| खुदाई का वर्ग | तरीक़ा | मोटा भाव (रुपये प्रति घन मीटर) |
|---|---|---|
| साधारण मिट्टी, 1.5 मीटर तक | JCB या पोकलेन | 130 से 260 |
| साधारण मिट्टी, 1.5 मीटर तक | हाथ से, फावड़ा-गैंती | 250 से 450 |
| सख़्त मिट्टी या मुरम | मशीन, कुछ हाथ | 400 से 700 |
| नरम या टूटी चट्टान | चिज़लिंग | 700 से 1,400 |
| सख़्त चट्टान | ब्रेकर या ब्लास्टिंग | 1,500 से 3,000 |
| भराई, निकाली मिट्टी से | 200 मिमी परत, पानी और रैमिंग | 150 से 300 |
दो बातें जोड़ लीजिए। 1.5 मीटर से नीचे हर 1.5 मीटर पर अलग लिफ़्ट चार्ज लगता है, और DSR की दर एक निश्चित लीड तक ही ढुलाई समेटती है - उससे आगे कार्टेज अलग मद है। ब्लास्टिंग के लिए ज़िले की अनुमति चाहिए, इसलिए शहर में लगभग हर जगह ब्रेकर से काम होता है।
गणना का क्रम
आयतन (घन मीटर) = लंबाई x चौड़ाई x गहराई
ढीला माल = आयतन x (1 + बल्किंग / 100) (आम तौर पर 1.25)
बेडिंग = लंबाई x चौड़ाई x बेडिंग की मोटाई
भराई = आयतन - बेडिंग - पाइप का आयतन
बचा माल = आयतन - भराई
ट्रॉली के फेरे = ढीला बचा माल / 2.5
उदाहरण। 15 मीटर (50 फुट) लंबी, 450 मिमी (18 इंच) चौड़ी और 1.2 मीटर (4 फुट) गहरी सर्विस लाइन की खाई। खुदाई 8.1 घन मीटर (10.6 क्यूबिक यार्ड), ढीला माल 25 प्रतिशत बल्किंग पर 10.1 घन मीटर। नीचे 100 मिमी रेत की बेडिंग 0.7 घन मीटर, पाइप लगभग 0.1 घन मीटर, यानी वापस भरने के लिए 7.3 घन मीटर जगह बचती है। बचा माल सिर्फ़ 0.8 घन मीटर, यानी आधी ट्रैक्टर-ट्रॉली।
टूल पूरे ढीले माल को लैंडफ़िल भेजने का ख़र्च जोड़ता है, जबकि भारतीय साइट पर वही मिट्टी प्लिंथ भराई में खप जाती है और बाहर सिर्फ़ बचत जाती है।
भारतीय काम में तीन फ़र्क़
- गहराई पाले से नहीं, कवर और ढाल से तय होती है। अमेरिकी 900 से 1,200 मिमी की "फ़्रॉस्ट लाइन" वाली गहराई का भारत में कोई मतलब नहीं। यहाँ पानी की लाइन को सड़क के नीचे लगभग 750 से 900 मिमी कवर चाहिए, LT केबल को फ़ुटपाथ पर 750 मिमी और सड़क के आर-पार 1,000 से 1,200 मिमी (IS 1255), और सीवर की गहराई ढाल के साथ बढ़ती है इसलिए एक सिरे पर 1.2 मीटर तथा दूसरे पर 2.5 मीटर आम है। फ़ुटिंग की खाई IS 1080 के 500 मिमी न्यूनतम पर चलती है।
- मापन अधिकृत नाप पर होता है, खोदे गए गड्ढे पर नहीं। IS 1200 भाग 1 के मुताबिक़ भुगतान ड्रॉइंग की चौड़ाई-गहराई पर बनता है और ज़्यादा खोद दिया तो वह पैसा नहीं मिलता। ठेकेदार का आम नुक़सान यहीं होता है, क्योंकि हाथ की खुदाई में खाई अकसर 450 की जगह 600 मिमी चौड़ी बन जाती है।
- सुरक्षा और सड़क काटने की अनुमति। OSHA 5 फुट पर शोरिंग माँगता है; भारत में BOCW नियम भी लगभग 1.5 मीटर से गहरी खुदाई पर शोरिंग-स्ट्रटिंग, बैरिकेडिंग और सीढ़ी से आना-जाना अनिवार्य करते हैं - सीमा वही है, पालन कमज़ोर है। और अमेरिका के 811 जैसी एक कॉल वाली सुविधा यहाँ नहीं है: DISCOM, जल बोर्ड, CGD और OFC वालों से अलग-अलग मिलाना पड़ता है, तथा निगम में रोड-कटिंग चार्ज और रीस्टोरेशन डिपॉज़िट भरना पड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बल्किंग फ़ैक्टर क्या लें?
साधारण मिट्टी 20 से 30 प्रतिशत फूलती है, इसलिए 25 प्रतिशत का चलन है - 10 घन मीटर बैठी मिट्टी निकलकर 12.5 घन मीटर हो जाती है। काली चिकनी मिट्टी 35 से 40 प्रतिशत तक जाती है।
निकाली हुई मिट्टी वापस भर सकते हैं?
हाँ, अगर वह फूलने वाली काली मिट्टी, कचरा मिली या जैविक न हो। भराई 200 मिमी की परतों में, पानी डालकर और रैमिंग या प्लेट कॉम्पैक्टर से दबाकर कीजिए, वरना पाइप के ऊपर की सड़क छह महीने में बैठ जाती है। चिकनी मिट्टी वाली जगह पर पाइप के आस-पास बाहर से रेत या मुरम मँगाना ही ठीक रहता है।